
भोपाल. लॉकडाउन में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। जहां आर्थिक तंगी से जूझ रहा एक परिवार ने अपने बेटे का इंटरनेट पैक रिचार्ज नहीं करवाया पाया तो उसने फांसी लगाकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि वह पबजी गेम खेलता था। इंटरनेट पैक खत्म होने के बाद से वह परेशान चल रहा था।
पबजी गेम की जिद में लगाया मौत को गले
दरअसल, यह दर्दनाक घटना भोपाल के बागसेवनिया इलाके में शनिवार दोपहर में देखने को मिली। जहां आईटीआई की पढ़ाई करने वाले 20 वर्षीय नीरज ने दुखी होकर अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। इस घटना के बाद से एरिया में हड़कंप मच गया है।
दरअसल, यह दर्दनाक घटना भोपाल के बागसेवनिया इलाके में शनिवार दोपहर में देखने को मिली। जहां आईटीआई की पढ़ाई करने वाले 20 वर्षीय नीरज ने दुखी होकर अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। इस घटना के बाद से एरिया में हड़कंप मच गया है।
मां से झगड़ने के बाद लगा ली फांसी
जानकारी के मुताबिक, मृतक ने अपनी मां से इंटरनेट पैक खत्म होने पर 3 महीने का रिचार्ज करने के लिए कह रहा था। बेबस मां उसको बार-बार समझाया करती थी कि बेटे अभी हालात बुरे हैं, कोई काम धंधा नहीं मिल पाने की वजह से घर में पैस नहीं है। तू चाहे तो मैं एक महीने का रिचार्ज करवा दूंगी। फिर बाद में तीन महीने का रिचार्ज करवा लेना। बस इसी बात पर उसने मां से झगड़ा किया फिर कमरे में जाकर फांसी लगा ली। बता दें कि वीरेश कुशवाहा राजमिस्त्री हैं, वह यहां पत्नी सविता और तीन बेटों के साथ रहते हैं। लेकिन अब उनके दो ही बेटे बचे।
जानकारी के मुताबिक, मृतक ने अपनी मां से इंटरनेट पैक खत्म होने पर 3 महीने का रिचार्ज करने के लिए कह रहा था। बेबस मां उसको बार-बार समझाया करती थी कि बेटे अभी हालात बुरे हैं, कोई काम धंधा नहीं मिल पाने की वजह से घर में पैस नहीं है। तू चाहे तो मैं एक महीने का रिचार्ज करवा दूंगी। फिर बाद में तीन महीने का रिचार्ज करवा लेना। बस इसी बात पर उसने मां से झगड़ा किया फिर कमरे में जाकर फांसी लगा ली। बता दें कि वीरेश कुशवाहा राजमिस्त्री हैं, वह यहां पत्नी सविता और तीन बेटों के साथ रहते हैं। लेकिन अब उनके दो ही बेटे बचे।
रात 3 बजे तक खेलता था पबजी
मृतक नीरज के पिता ने कहा कि वह रात के 2-3 बजे तक पबजी खेलते रहता था। वह किसी से बात भी नहीं करता था। जब कोई समझाने की कोशिश करता तो वह झगड़ा करने लगता। इसलिए हम उससे ज्यादा कुछ नहीं कहते थे
मृतक नीरज के पिता ने कहा कि वह रात के 2-3 बजे तक पबजी खेलते रहता था। वह किसी से बात भी नहीं करता था। जब कोई समझाने की कोशिश करता तो वह झगड़ा करने लगता। इसलिए हम उससे ज्यादा कुछ नहीं कहते थे