
हिमालयन ब्राउन बियर
हिमालय पर्वत शृंखला के दुर्लभ वन्यप्राणी हिमालयन ब्राउन बियर (भूरा भालू) का कुनबा बढ़ने लगा है। दुनिया में केवल उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के कुछेक क्षेत्रों में पाए जाने वाले हिमालयी भूरे भालू कारगिल में लॉकडाउन के दौरान लगातार नजर आए हैं।
कारगिल के द्रास और सुरू घाटी तक सीमित भूरे भालू की प्रजाति कारगिल युद्ध के दौरान तकरीबन खत्म हो गई थी। अब लॉकडाउन के दौरान कारगिल कस्बे समेत पांच नए इलाकों में भूरे भालू पहली बार देखे गए हैं। वन्य जीव विभाग जल्द ही हिमालयी भूरे भालू की कॉलरिंग करने जा रहा है। लद्दाख क्षेत्र के अलावा उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश से आंकड़े साझा कर हिमालयी भूरे भालू पर संयुक्त अध्ययन पर जोर दिया जाएगा।
आबादी वाले इलाकों में खौफ भी
कारगिल जिले में भूरे भालू को सुदूरवर्ती पहाड़ों में ही देखा जाता रहा है लेकिन लॉकडाउन के दौरान भूरे भालू कारगिल कस्बे तक पहुंच गए। भूरे भालू के हमलों से कई लोगों को नुकसान भी उठाना पड़ा। विभाग की ओर से नुकसान का मुआवजा देने के अलावा लोगों को एहतियात बरतने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है।
कारगिल के द्रास और सुरू घाटी तक सीमित भूरे भालू की प्रजाति कारगिल युद्ध के दौरान तकरीबन खत्म हो गई थी। अब लॉकडाउन के दौरान कारगिल कस्बे समेत पांच नए इलाकों में भूरे भालू पहली बार देखे गए हैं। वन्य जीव विभाग जल्द ही हिमालयी भूरे भालू की कॉलरिंग करने जा रहा है। लद्दाख क्षेत्र के अलावा उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश से आंकड़े साझा कर हिमालयी भूरे भालू पर संयुक्त अध्ययन पर जोर दिया जाएगा।
आबादी वाले इलाकों में खौफ भी
कारगिल जिले में भूरे भालू को सुदूरवर्ती पहाड़ों में ही देखा जाता रहा है लेकिन लॉकडाउन के दौरान भूरे भालू कारगिल कस्बे तक पहुंच गए। भूरे भालू के हमलों से कई लोगों को नुकसान भी उठाना पड़ा। विभाग की ओर से नुकसान का मुआवजा देने के अलावा लोगों को एहतियात बरतने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है।
युद्ध के 17 साल बाद पहली बार दिखे थे भालू
भारत और पाकिस्तान के बीच कारगिल युद्ध के दौरान एलओसी पर गोलाबारी से क्षेत्र में भूरे भालू लगभग खत्म हो गए थे। 1999 के बाद वर्ष 2016 में पहली बार भालुओं के एक समूह को देखा गया था। इसके बाद से वन्यजीव विभाग भी इनके अध्ययन में जुट गया। वर्तमान में इनकी संख्या 20 तक बताई जा रही है।
हिमालयी भूरे भालू की प्रजाति कारगिल जिले में 1999 युद्ध के दौरान लगभग खत्म हो गई थी। डेढ़ दशक बाद यह पहली बार देखे गए। लॉकडाउन के दौरान पहली बार यह भालू पांच नए स्थानों पर नजर आए हैं। विभाग अब भालुओं को कॉलर लगाकर इनकी मूवमेंट का पैटर्न जांचने जा रहा है।- रजा अली, वाइल्ड लाइफ वार्डन, कारगिल
हिमालयी भूरे भालू की प्रजाति कारगिल जिले में 1999 युद्ध के दौरान लगभग खत्म हो गई थी। डेढ़ दशक बाद यह पहली बार देखे गए। लॉकडाउन के दौरान पहली बार यह भालू पांच नए स्थानों पर नजर आए हैं। विभाग अब भालुओं को कॉलर लगाकर इनकी मूवमेंट का पैटर्न जांचने जा रहा है।- रजा अली, वाइल्ड लाइफ वार्डन, कारगिल